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कालोनाईजर्स, कंसल्टेंट्स और मानचिकारों के साथ महत्वपूर्ण बैठक उज्जैन: जल शक्ति अभियान और अक्षय जल संचय अभियान को जन आन्दोलन का स्वरूप प्रदान करने के प्रयासों के तहत महापौर श्रीमती मीना विजय जोनवाल और आयुक्त प्रतिभा पाल ने शहर के काॅलोनाईजर्स, कंसल्टेंट्स और मानचित्रकारों के साथ आयोजित बैठक में विचार विमर्श कर सहयोग की अपील की। मेला आफिस में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में महापौर श्रीमती मीना विजय जोनवाल ने कहा कि जल शक्ति अभियान में दिया जाने वाला आपका सहयोग निगम का नहीं बल्की आपके स्वयं के लिये सहयोग होगा। हमें प्राकृति ने जो दिया है उसे वापस लौटाने की आवश्यकता है। जल संकट के समय एक एक बूंद पानी का महत्व होता है, लोग एक बाल्टी पानी के लिये लड़ पड़ते हंै। इसलिये आवश्यकता है कि हम पानी को सहेजने के प्रयास करें। आयुक्त प्रतिभा पाल न कहा कि पानी सबकी आवश्यकता है और इसकी सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। हमने अपनी जिम्मेदारी को समझकर निगम के भवनों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग और रीचार्ज पिट कराए जाने के कार्य आरंभ कर दिये है। हमारा प्रयास है कि निगम के समस्त भवनों में शतप्रतिशत हार्वेस्टिंग कराया जा सके। अपेक्षा कालोनाईजर्स, कंसल्टेंट और मानचित्रकारों से हमारी अपेक्षा है कि उनके माध्यम से जो भवन/काॅलोनियां निर्मित हुई हंै और जो निर्मित हांे उनमें शतप्रतिशत रेनवाटर हार्वेस्टिेंग कराए जाना सुनिश्चित करें। अन्य भवन स्वामियों को भी प्रेरित करते हुए उनके भवनों में भी हार्वेस्टिंग निर्मित कराने में सहयोग करें। हम निगम के साथ है बैठक में सम्मिलित काॅलोनाईजर्स, कंसल्टेंट और मानचित्रकारों ने निगम को आश्वस्त किया कि वे पूरी तरह इस कार्य में निगम के साथ हैं और निगम के निर्धारित कार्यक्रम में सहयोग करने के साथ ही इसके अतिरिक्त भी अभियान की सफलता में अपनी भूमिका निभाएंगे। लायंस क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर श्री आर.बी. पाठक ने कहा कि हमने अब तक अपने प्रयासों से 500 भवनों में हार्वेस्टिंग स्थापित कराए हैं। हम इस विषय पर डाक्यूमेंट्री बना रहे हंै जिसके माध्यम से नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा। इंजीनियर श्री अनिरूद्ध गुप्ता ने बताया कि उनके द्वारा अब तक 50 भवनों में हार्वेस्टिंग कराया गया है। समाजसेवी श्री राजीव पाहवा ने कहा कि हमारे भवनों में बोरिंग इत्यादि एक अकाउंट की भांती है जिसमें से हम निकाल तो रहे है किन्तु जमा नही कर रहे हैं। कंसल्टेंट श्री संजय त्रिवेदी ने कहा कि छोटी गलियों में और नाली किनारे कांक्रीट नहीं किया जाना चाहिए।

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